बैठे बैठे अचानक मुझे आमिर खुसरो के दो पहेलियाँ याद आ गयी जो कभी स्कूल में पढ़ा था पर उतार तो आपको ही देना है सोच कर जवाब दीजिएगा
अट्टी तोड़ कर घर में आया
अरतन-बरतन सब सरकाया
खा गया पी गया दे गया बुत्ता
क्यों सखी साजन ? ना सखी ..........(उत्तर)
अचरज बँगला एक बनाया
ऊपर नीव तले घर छाया
बांस ना बल्ली बंधन घने
कहो खुसरो घर कैसे बने ?............(उत्तर)