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Monday, November 21, 2011

जानिये डॉ. ऐ पी जे अब्दुल कलाम के अनमोल सुविचार

जानिये डॉ. ऐ पी जे अब्दुल कलाम के अनमोल सुविचार
एक बेहद गरीब परिवार से होने के बावजूद अपनी मेहनत और समर्पणके बल पर बड़े से बड़े सपनो को साकार करने का एक जीता-जागता प्रमाण हैं अब्दुल कलाम. जानिये ऐ पी जे अब्दुल कलाम के अनमोल विचारः-
►शिखर तक पहुँचने के लिए ताकत चाहिए होती है, चाहे वो माउन्ट एवरेस्ट का शिखर हो या आपके पेशे का.
►क्या हम यह नहींजानते कि आत्म सम्मान आत्म निर्भरता के साथ आता है ?
►इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपनेदेखने होंगे
►अपने मिशन में कामयाब होने के लिए , आपको अपने लक्ष्य के प्रति एकचित्त निष्ठावान होना पड़ेगा.
►मुझे बताइए , यहाँ का मीडिया इतना नकारात्मक क्यों है? भारत में हम अपनी अच्छाइयों, अपनी उपलब्धियों को दर्शाने में इतना शर्मिंदा क्यों होते हैं? हम एक माहान राष्ट्र हैं. हमारे पास ढेरों सफलता की गाथाएँ हैं, लेकिन हम उन्हें नहीं स्वीकारते. क्यों?
►किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाएरखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया.
►इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने कि लिए ये ज़रूरी हैं.
►आकाश की तरफ देखिये. हम अकेले नहींहैं. सारा ब्रह्माण्ड हमारे लिए अनुकूल है और जो सपने देखते हैं और मेहनत करते हैं उन्हें प्रतिफल देने की साजिश करता है.
►भारत में हम बस मौत, बीमारी , आतंकवाद और अपराध के बारे में पढ़ते हैं.
►यदि हम स्वतंत्र नहीं हैं तो कोई भी हमारा आदर नहींकरेगा.
►गर किसी देश कोभ्रष्टाचार – मुक्त और सुन्दर-मन वाले लोगों का देश बनाना हैतो , मेरा दृढ़तापूर्वक मानना है कि समाज के तीन प्रमुख सदस्य ये कर सकते हैं. पिता, माता और गुरु.
►महान सपने देखने वालों के महान सपने हमेशा पूरे होते हैं.
► मैं हमेशा इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार था कि मैं कुछ चीजें नहीं बदल सकता.
►अंग्रेजी आवश्यक है क्योंकि वर्तमान में विज्ञान के मूल काम अंग्रेजी में हैं. मेरा विश्वासहै कि अगले दो दशक में विज्ञान के मूल काम हमारी भाषाओँ में आने शुरू हो जायेंगे, तब हम जापानियों की तरह आगे बढ़ सकेंगे.
►भगवान, हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं. इश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है.

4 comments:

  1. हमारे निर्माता ने हमारे मष्तिष्क और व्यक्तित्व में असीमित शक्तियां और क्षमताएं दी हैं. इश्वर की प्रार्थना हमें इन शक्तियों को विकसित करने में मदद करती है.

    Nice .

    http://hbfint.blogspot.com/2011/11/blog-post_3809.html

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  2. सराहनीय प्रस्तुतिकरण .आभार.

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  3. कर्मयोगी डॉ. ऐ. पी. जे. अब्दुल कलाम के पवित्र विचारों से अवगत कराने के लिए आपका हार्दिक आभार ।
    www.vishwajeetsingh1008.blogspot.com

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